गोपाल आश्रम में बही ज्ञान गंगा
गोपाल आश्रम में चल रहे वेद लक्षणा गौ महिमा महोत्सव में कार्यक्रम के चौथे दिन गौ महिमा का वर्णन करते हुए कथा व्यास श्री रसराज दास जी महाराज ने कहा कि गाय सनातन धर्म का मूल है यदि गाय सुरक्षित, संरक्षित रहेगी तभी हमारा देश भी संरक्षित, सुरक्षित रहेगा। इसी क्रम में पूज्य आचार्य श्री ने सुरभि गाय के जन्म का भी वर्णन सुनाया, उन्हीने कहा कि सभी को गौ माता की सेवा और आदर करना चाहिए। हमें अपने परिवार में बच्चों को ऐसे संस्कार देने चाहिए कि सभी गौ सेवा और संरक्षण के लिए समर्पित रहें। गौ माता की सेवा से प्राणी मात्र की सात पीढ़ियों का उद्धार हो जाता है। हम सभी सनातनी बंधुओं को गाय की सेवा और संरक्षण से जुड़ना चाहिए। प्रत्येक हिंदू परिवार में गौ ग्रास के साथ गौशालाओं के नाम का दान भी निकालना चाहिए। जो लोग गाय को छोड़ देते हैं उन्हें जीवन में श्राप का भागी बनना पड़ता है। महाराज जी ने श्रीमद् भागवत कथा से कृष्ण जन्म की कथा का मनोहारी वर्णन करते हुए कि कहा पृथ्वी पर भक्तों के संकट दूर करने के लिए भगवान किसी न किसी रूप में हमेशा जन्म लेते रहें। भगवान क...