श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन हुई रस वर्षा
गौ माता के धार्मिक महत्व को बताने के लिए मकसद से सुहाग नगरी, चंद्रनगर (फिरोजाबाद) के गोपाल आश्रम में चल रही वेद लक्षणा गौ महिमा महोत्सव एवं श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन कथा व्यास परम गौसेवी संत पूज्य श्री रसराज दास जी महाराज ने गौ माता को महत्व बताते हुए कहा कि आजकल हमारे समाज के लोग अंधविश्वास की तरफ बढ़ते जा रहे हैं। लाल पीला धागे के चक्कर में, भभूत और चादर चढ़ाने के चक्कर में बढ़ते जा रहे हैं। उन सभी के लिए यह जानना अत्यंत आवश्यक है कि हमारी गौ माता के सिर्फ नाम लेने से सभी दुखों का निवारण हो जाता है। जिस व्यक्ति को स्वस्थ एवं सुखी परिवार, कुबेर के समान धनवान और सर्व सुख की प्राप्ति चाहिए तो हमारी गौ माता का सिर्फ एक नाम यंत्र *श्री सुरभ्यै नमः, ॐ सुरभ्यै नमः* का जाप करने से सभी प्रकार के धर्म सम्मत सुख की प्राप्ति हो जाती है।
श्रीमद् भागवत का वर्णन करते हुए पूज्य महाराज जी ने यह बताया कि भजन किस प्रकार करना चाहिए? भजन की पद्धति क्या है? पहली पद्धति है आसान को जीतना, यानी एक आसन से 4 घंटे भजन करना। दूसरा साधन है अपनी सांसों को जीतना।
कथा व्यास ने वताया सभी समस्याओं का समाधान श्रीमद्भागवत जी में निहित है। उसको समझने और आचरण व्यवहार की आवश्यकता है। वाराह अवतार की मनोहारी कथा का भी वर्णन किया गया।
उन्होंने कहा कि यदि मन को सच्ची भावना से भगवान के चिन्तन मे लगा दिया जाये तो मानव मात्र का उद्धार हो जाता है।
आज के कार्यक्रम में परम पूज्य श्री गोपैश कृष्ण दास जी, शिवकुमार दास जी तथा उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता जी आदि की विशेष उपस्थिति रही।
इस मौके पर ब्रजेश शर्मा, द्विजेन्द्र मोहन शर्मा, कृष्णकांत उपाध्याय, नीरज शर्मा (प्रधान), मनोज गर्ग, आनंद शर्मा, गोपाल अग्रवाल, वेदव्रत, अरिहंत जैन, सौरभ लहरी, संकल्प शर्मा, राजीव दीक्षित, राजेश दुबे, कन्हैया तिवारी, प्रदीप शर्मा (गुड्डा पहलवान), आदित्य वशिष्ठ मौजूद रहे।
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