फिरोजाबाद ब्यूरो। एक तरफ जहां प्रदेश की सरकार सभी गांव तक समान रूप से विकास पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध नजर आती है, वहीं दूरदराज के इलाकों के पिछड़े गांव की हालत आज भी आजादी के समय जैसी ही है। इसका एक जीता जागता उदाहरण जनपद फिरोजाबाद के विकासखंड हाथवंत का गांव लालई है। पिछले कुछ दिनों से काफी सुर्खियों में रहने वाला यह गांव अभी भी चर्चा का विषय बना हुआ है। गांव के नितेश राजपूत जो अन्य युवाओं की तरह बाहर रहकर अपनी जीविका चला रहे थे जब गांव वापस आए तो गांव की स्थिति से उनका मन विचलित हो गया। उन्होंने गांव में विकास कार्य कराने को लेकर अपने साथियों से बात की और उन्नत गांव युवा कमेटी का गठन किया। नितेश राजपूत ने अपने मनोबल से और अपनी सकारात्मक विचारधारा से गांव में बदलाव की एक नई बयार चला दी है। नितेश ने पुरानी सभी मान्यताओं को ध्वस्त करते हुए सीधे जिलाधिकारी महोदय के सामने अपनी बात रखी और गांव में सड़क बनवाने का प्रस्ताव पास करवा लिया। अपनी शिकायतों को सीधे उच्चाधिकारियों के सामने रख नीतीश ने उन युवाओं के सामने एक नजीर पेश की है जो किसी भी चीज को “ऐसा चलता है” मान कर टालते चले आते हैं...